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पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें: awaassoft पोर्टल, मोबाइल, पात्रता और किस्त की पूरी जानकारी

Published 25 Jul 202614 min
पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें: awaassoft पोर्टल, मोबाइल, पात्रता और किस्त की पूरी जानकारी

पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें, यह जानना हर उस ग्रामीण परिवार के लिए ज़रूरी है जिसने पक्के घर की उम्मीद में इस योजना का सर्वे या आवेदन कराया है। हर साल सरकार पात्र परिवारों की नई सूची जारी करती है, और अगर आपका नाम उसमें आ जाए तो पक्का मकान बनाने के लिए किस्तों में आर्थिक मदद मिलती है। लेकिन बहुत से लोग सही पोर्टल और सही तरीका न जानने की वजह से इधर-उधर भटकते रहते हैं।

अच्छी बात यह है कि यह पूरी जानकारी घर बैठे, अपने मोबाइल या कंप्यूटर से, बिना किसी को पैसे दिए देखी जा सकती है। पीएम आवास योजना ग्रामीण की लिस्ट awaassoft और pmayg.nic.in पोर्टल पर मुफ़्त में उपलब्ध रहती है। आपको बस अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का नाम पता होना चाहिए, बाकी काम कुछ ही मिनटों का है।

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इस गाइड में हम आसान भाषा में समझेंगे कि पोर्टल से और मोबाइल से लिस्ट कैसे देखें, कौन इस योजना के लिए पात्र है, कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, किस्त का पैसा कब और कैसे आता है, और अगर लिस्ट में नाम न हो तो क्या करना चाहिए। साथ ही उन आम गलतियों और ठगी के तरीकों की भी बात करेंगे जिनसे आपको हर हाल में बचना है।

सीधा जवाब

पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें, इसका सीधा जवाब यह है: आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in खोलें, ऊपर Awaassoft मेन्यू में Report पर जाएँ, फिर Social Audit Reports के नीचे “Beneficiary details for verification” चुनें। इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर Submit करें और सूची में अपना नाम देखें। यही काम मोबाइल के ब्राउज़र से भी हो जाता है, वह भी बिल्कुल मुफ़्त।

मुख्य बातें

  • पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) का मकसद हर पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का घर देना है।
  • लिस्ट देखने का आधिकारिक और मुफ़्त पोर्टल pmayg.nic.in (awaassoft) है, इसके अलावा किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं।
  • नाम देखने के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत की जानकारी काफ़ी है, रजिस्ट्रेशन नंबर हो तो और आसान।
  • पात्र परिवार का चुनाव SECC और आवास+ सर्वे के आँकड़ों तथा ग्राम सभा की पुष्टि से होता है।
  • सहायता राशि सीधे बैंक खाते में किस्तों में आती है, इसलिए आधार से जुड़ा बैंक खाता ज़रूरी है।
  • कोई फ़ोन पर OTP या नाम जुड़वाने की फीस माँगे तो वह ठगी है, सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर भरोसा करें।

पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें (awaassoft/pmayg पोर्टल से, स्टेप बाय स्टेप)

पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें – awaassoft PMAY-G पोर्टल पर राज्य, जिला और गांव चुनकर ग्रामीण आवास लिस्ट में नाम देखने के 3 आसान चरण
पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें – awaassoft PMAY-G पोर्टल पर राज्य, जिला और गांव चुनकर ग्रामीण आवास लिस्ट में नाम देखने के 3 आसान चरण

नीचे दिए आसान चरणों से यह पूरी प्रक्रिया आपके सामने साफ़ हो जाएगी। यह तरीका कंप्यूटर और मोबाइल दोनों पर एक जैसा काम करता है, इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं।

चरण 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें

सबसे पहले अपने ब्राउज़र में pmayg.nic.in टाइप करके आधिकारिक वेबसाइट खोलें। ध्यान रहे, यही पीएम आवास योजना ग्रामीण का असली पोर्टल है। मिलते-जुलते नाम वाली नकली साइटों या विज्ञापनों वाले लिंक पर क्लिक न करें।

चरण 2: Awaassoft मेन्यू में Report चुनें

होम पेज पर ऊपर की मेन्यू पट्टी में “Awaassoft” पर क्लिक या टैप करें। खुलने वाले विकल्पों में “Report” चुनें। इससे रिपोर्ट वाला पेज खुल जाएगा जहाँ योजना से जुड़ी सारी रिपोर्ट एक जगह मिलती हैं।

चरण 3: Beneficiary details for verification पर जाएँ

रिपोर्ट पेज पर नीचे की ओर “Social Audit Reports” यानी सोशल ऑडिट रिपोर्ट वाला हिस्सा ढूँढें। उसमें “Beneficiary details for verification” लिंक पर क्लिक करें। यही वह रिपोर्ट है जिसमें आपके गाँव के पात्र लाभार्थियों के नाम दिखते हैं।

चरण 4: राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें

अब खुले फ़ॉर्म में बारी-बारी अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत (गाँव) चुनें। अगर साल या योजना का विकल्प दिखे तो पीएम आवास योजना ग्रामीण चुनें। हर चयन के बाद अगला विकल्प अपने आप आता जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी न करें और जानकारी ध्यान से भरें।

चरण 5: Submit करें (कैप्चा दिखे तो भरें)

जानकारी भरने के बाद Submit बटन दबाएँ। अगर स्क्रीन पर कोई कैप्चा यानी अक्षर या अंक दिखे तो उसे सही-सही भरकर आगे बढ़ें। गलत कैप्चा भरने पर पेज दोबारा खोलना पड़ सकता है।

चरण 6: सूची में अपना नाम देखें

कुछ ही पल में आपके गाँव की लाभार्थी सूची खुल जाएगी। इसमें क्रम संख्या, रजिस्ट्रेशन नंबर, लाभार्थी का नाम, पिता या पति का नाम और स्वीकृति की स्थिति दिखती है। अपना नाम आराम से खोजें। नाम मिल जाए तो उसके सामने दी गई किस्त और स्वीकृति की जानकारी भी देख लें। ज़रूरत हो तो सूची को PDF या Excel में डाउनलोड करके रख सकते हैं।

मोबाइल से पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें

बहुत से लोग पूछते हैं कि क्या यह सब बिना कंप्यूटर के, सिर्फ़ फ़ोन से हो सकता है। जवाब है, हाँ। मोबाइल से लिस्ट देखने का तरीका भी लगभग वही है जो ऊपर बताया गया है, बस स्क्रीन छोटी होती है।

अपने फ़ोन में Chrome या कोई भी ब्राउज़र खोलें और pmayg.nic.in पर जाएँ। पेज पूरा खुलने के बाद ऊपर की ओर तीन लाइनों वाले मेन्यू आइकन पर टैप करें। वहाँ से Awaassoft, फिर Report चुनें और ऊपर बताए गए वही चरण दोहराएँ। छोटी स्क्रीन पर आराम से पढ़ने के लिए पेज को उँगलियों से ज़ूम कर सकते हैं।

एक बात ध्यान रखें, आवास+ सर्वे और जियो-टैगिंग के लिए अधिकारी AwaasApp नाम की ऐप इस्तेमाल करते हैं, जो मुख्य रूप से सर्वेयर और पंचायत सचिव के काम की है। आम लाभार्थी के लिए सूची देखने का भरोसेमंद तरीका मोबाइल ब्राउज़र में यही पोर्टल खोलना है। किसी अनजान पीएम आवास लिस्ट ऐप को Play Store के बाहर से डाउनलोड करने से बचें।

अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है और पूरी प्रक्रिया समझनी है, तो आप हमारी विस्तृत गाइड पीएम आवास योजना रजिस्ट्रेशन और पीएम आवास योजना ऑनलाइन आवेदन भी पढ़ सकते हैं, ताकि आगे का काम आसान रहे।

रजिस्ट्रेशन नंबर से नाम और स्टेटस कैसे देखें

अगर आपके पास पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन नंबर है, तो नाम और स्थिति देखना और भी आसान है। pmayg.nic.in के मेन्यू में “Stakeholders” पर जाएँ और “IAY / PMAYG Beneficiary” विकल्प चुनें। यहाँ अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर Submit करें, आपकी पूरी जानकारी, आवेदन की स्वीकृति और किस्त की स्थिति खुल जाएगी।

अगर रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो इसी पेज पर Advanced Search का विकल्प चुनें। इसमें राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत के साथ अपना नाम या पिता का नाम जैसी जानकारी भरकर भी खोजा जा सकता है। इसके अलावा ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से भी आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर पता कर सकते हैं।

पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) क्या है

पीएम आवास योजना ग्रामीण भारत सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसका मकसद गाँवों में रहने वाले उन परिवारों को पक्का घर देना है जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है या जो कच्चे, टूटे-फूटे घरों में रहते हैं। यह योजना पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से चलती थी, जिसे साल 2016 में नए रूप में शुरू किया गया।

इसके तहत पात्र परिवार को घर बनाने के लिए आर्थिक मदद, शौचालय के लिए अलग सहायता, और मनरेगा के तहत श्रम के दिनों का मेहनताना मिलता है। पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है ताकि बीच में कोई गड़बड़ी न हो। योजना का पूरा हिसाब-किताब awaassoft नाम की ऑनलाइन व्यवस्था पर रखा जाता है, इसलिए हर चीज़ काफ़ी हद तक पारदर्शी रहती है और लाभार्थी खुद अपनी स्थिति देख सकते हैं।

पात्रता: किसे मिलता है इस योजना का लाभ

पात्रता को लेकर लोगों के मन में सबसे ज़्यादा भ्रम रहता है। मोटे तौर पर इस योजना का लाभ उन ग्रामीण परिवारों को मिलता है जो बेघर हैं या एक-दो कमरों के कच्चे मकान में रहते हैं जिनकी दीवारें और छत कच्ची हैं। लाभार्थियों का चुनाव SECC 2011 यानी सामाजिक-आर्थिक जनगणना और आवास+ सर्वे के आँकड़ों से होता है, और फिर ग्राम सभा इसकी पुष्टि करती है।

आमतौर पर इन परिवारों को प्राथमिकता मिलती है:

  • बेघर परिवार और कच्चे, जर्जर मकान में रहने वाले परिवार।
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और समाज के कमज़ोर वर्ग के लोग।
  • विधवा, दिव्यांग और ऐसे परिवार जिनमें कमाने वाला कोई वयस्क सदस्य नहीं है।

वहीं कुछ परिवारों को आमतौर पर सूची से बाहर रखा जाता है, जैसे:

  • जिनके पास पहले से पक्का मकान है।
  • जिनके पास चौपहिया वाहन या मशीनी खेती के बड़े उपकरण हैं।
  • जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या नियमित आयकर देता है।

ध्यान रहे, अंतिम पात्रता के नियम और मापदंड सरकार समय-समय पर तय करती है, इसलिए ताज़ा और पक्की जानकारी के लिए हमेशा pmayg.nic.in देखें या अपनी ग्राम पंचायत से पूछ लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

सिर्फ़ लिस्ट देखने के लिए किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं होती, बस गाँव का पता काफ़ी है। लेकिन आवेदन, सर्वे और किस्त पाने के लिए आमतौर पर ये दस्तावेज़ काम आते हैं:

  • आधार कार्ड और आधार इस्तेमाल की सहमति।
  • आधार से जुड़ा बैंक खाता यानी पासबुक, ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके।
  • मनरेगा जॉब कार्ड नंबर।
  • स्वच्छ भारत मिशन यानी शौचालय का रजिस्ट्रेशन नंबर।
  • चालू मोबाइल नंबर।

सभी दस्तावेज़ों में नाम और जानकारी एक जैसी होनी चाहिए। अगर आधार, बैंक और जॉब कार्ड में नाम या जन्मतिथि अलग-अलग है, तो किस्त अटक सकती है, इसलिए पहले इन्हें ठीक करा लेना समझदारी है।

किस्त की जानकारी: पैसा कब और कैसे आता है

पीएम आवास योजना ग्रामीण में घर बनाने की मदद एक साथ नहीं, बल्कि किस्तों में मिलती है। आमतौर पर यह राशि कई चरणों में दी जाती है, जो घर बनने की प्रगति से जुड़ी होती है, जैसे नींव तैयार होना, दीवार या लिंटल का स्तर, और फिर छत या घर पूरा होना। हर चरण पर जियो-टैग की गई फ़ोटो अपलोड होने के बाद अगली किस्त जारी की जाती है।

पैसा DBT यानी सीधे बैंक खाते में, आधार से जुड़े खाते में आता है। मैदानी इलाकों और पहाड़ी या दुर्गम इलाकों के लिए तय राशि अलग-अलग होती है, और यह समय-समय पर बदल भी सकती है। इसलिए किसी के बताए आँकड़े पर आँख मूँदकर भरोसा करने के बजाय ताज़ा राशि के लिए pmayg.nic.in देखें।

किस्त की स्थिति जानने के लिए pmayg.nic.in पर Awaassoft मेन्यू में FTO Tracking का उपयोग कर सकते हैं, या ऊपर बताए तरीके से रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपनी किस्तों का विवरण देख सकते हैं। अगर किस्त आई हुई नहीं दिख रही, तो सबसे पहले यह जाँचें कि आपका बैंक खाता आधार से सही तरह जुड़ा है या नहीं, क्योंकि ज़्यादातर दिक्कत यहीं आती है।

लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें

अगर सूची में आपका नाम नहीं दिख रहा तो घबराएँ नहीं, इसके कुछ आसान समाधान हैं। पहले यह पक्का करें कि आपने सही राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत और साल चुना था, क्योंकि अक्सर गलत चयन की वजह से ही नाम नहीं दिखता।

अगर सब कुछ सही चुनने पर भी नाम नहीं है, तो हो सकता है कि आपका सर्वे में नाम दर्ज न हुआ हो, या ग्राम सभा की प्राथमिकता सूची में अभी आपका नंबर न आया हो। ऐसे में ये कदम उठाएँ:

  • अपने ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोज़गार सेवक या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) से मिलकर स्थिति पूछें और सर्वे में नाम जुड़वाने की माँग करें।
  • ग्राम सभा की बैठक में हिस्सा लें, क्योंकि पात्र नामों की पुष्टि और आपत्तियाँ वहीं दर्ज होती हैं।
  • pmayg.nic.in पर दिए गए शिकायत या ग्रीवेंस वाले हिस्से से अपनी शिकायत दर्ज करें, या पोर्टल पर दिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

धैर्य रखें, क्योंकि सूची समय-समय पर अपडेट होती है और नए पात्र परिवार जोड़े जाते हैं। किसी बिचौलिए को पैसे देकर नाम जुड़वाने के झांसे में बिल्कुल न आएँ, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया मुफ़्त है।

आम गलतियाँ जो अक्सर लोग करते हैं

सूची देखते या आवेदन करते समय लोग कुछ गलतियाँ बार-बार करते हैं। इन्हें पहले से जान लेंगे तो आपका काम काफ़ी आसान हो जाएगा:

  • ग्रामीण और शहरी योजना में उलझ जाना: पीएम आवास ग्रामीण की लिस्ट pmayg.nic.in पर है, जबकि शहरी योजना का पोर्टल अलग है। गाँव के लोग गलती से शहरी पोर्टल पर नाम ढूँढते रह जाते हैं।
  • गलत राज्य, जिला या पंचायत चुन लेना, जिससे नाम नहीं दिखता।
  • नाम की स्पेलिंग रिकॉर्ड से अलग होना, इसलिए पूरी सूची को ध्यान से देखें।
  • आधार से बैंक खाता न जुड़ा होना, जिससे नाम आने के बाद भी किस्त अटक जाती है।
  • कैप्चा गलत भरना या बहुत पुराना खुला पेज इस्तेमाल करते रहना।
  • यह मान लेना कि सर्वे में नाम है तो घर पक्का मिल ही जाएगा, जबकि यह ग्राम सभा की पुष्टि और प्राथमिकता पर निर्भर करता है।

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो लिस्ट में अपना नाम देखने में आपको कभी कोई उलझन नहीं होगी।

कब न करें / सावधानी और ठगी से बचाव

यह हिस्सा सबसे ज़रूरी है, इसे ध्यान से पढ़ें। सरकारी योजना के नाम पर ठगी के मामले बढ़े हैं, इसलिए कुछ बातें हमेशा याद रखें:

  • सूची देखना और योजना में नाम जुड़ना पूरी तरह मुफ़्त है। कोई व्यक्ति, एजेंट या वेबसाइट नाम जुड़वाने, जल्दी किस्त दिलाने या लिस्ट में नाम पक्का करने के नाम पर पैसे माँगे तो साफ़ मना कर दें।
  • कोई भी सरकारी विभाग फ़ोन या मैसेज पर आपका आधार OTP, बैंक OTP या पिन नहीं माँगता। ऐसा कोई कॉल आए तो तुरंत काट दें और किसी को भी OTP न बताएँ।
  • सिर्फ़ pmayg.nic.in जैसे आधिकारिक पोर्टल पर ही भरोसा करें। WhatsApp या SMS पर आए अनजान लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी न भरें।
  • Play Store के बाहर से किसी पीएम आवास लिस्ट ऐप को डाउनलोड न करें, ये अक्सर नकली होती हैं और फ़ोन से जानकारी चुरा सकती हैं।
  • अपनी बैंक पासबुक, आधार और मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।

अगर कभी उलझन हो तो ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या pmayg.nic.in पर दिए आधिकारिक हेल्पलाइन से ही जानकारी लें। थोड़ी सी सावधानी आपकी मेहनत की कमाई और आपके घर के सपने, दोनों को सुरक्षित रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें, सबसे आसान तरीका क्या है?

सबसे आसान तरीका है pmayg.nic.in खोलकर Awaassoft मेन्यू में Report पर जाना, फिर Social Audit Reports में “Beneficiary details for verification” चुनकर अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत की सूची देखना। यह मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर मुफ़्त में हो जाता है।

क्या मोबाइल से पीएम आवास ग्रामीण की लिस्ट देखी जा सकती है?

हाँ, अपने फ़ोन के ब्राउज़र में pmayg.nic.in खोलकर वही चरण दोहराएँ जो कंप्यूटर पर होते हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की ज़रूरत नहीं। छोटी स्क्रीन पर पढ़ने के लिए पेज को ज़ूम कर सकते हैं।

लिस्ट देखने के लिए क्या कोई फीस लगती है?

नहीं, सूची देखना बिल्कुल मुफ़्त है। अगर कोई फीस माँगे तो समझ जाइए कि वह ठगी है। पूरी प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर बिना किसी शुल्क के होती है।

रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना नाम कैसे खोजें?

पोर्टल की Beneficiary रिपोर्ट में राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनकर पूरी गाँव सूची देखी जा सकती है, इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर की ज़रूरत नहीं। Advanced Search में नाम या पिता के नाम से भी खोजा जा सकता है।

किस्त का पैसा कैसे और कहाँ आता है?

पैसा DBT के ज़रिए सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में किस्तों में आता है। हर किस्त घर बनने की प्रगति और जियो-टैग फ़ोटो से जुड़ी होती है। स्थिति जानने के लिए पोर्टल पर FTO Tracking या रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग करें।

सूची में नाम है पर किस्त नहीं आई, क्या करूँ?

सबसे पहले जाँचें कि बैंक खाता आधार से सही जुड़ा है या नहीं और घर की प्रगति की फ़ोटो अपडेट हुई है या नहीं। फिर भी दिक्कत हो तो ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें और पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

पीएम आवास ग्रामीण और शहरी योजना में क्या फ़र्क है?

ग्रामीण योजना गाँव के परिवारों के लिए है और इसकी सूची pmayg.nic.in पर मिलती है, जबकि शहरी योजना शहर के लोगों के लिए है और उसका पोर्टल अलग है। गाँव के लोग हमेशा ग्रामीण पोर्टल पर ही नाम देखें।

नाम सूची में नहीं है, क्या दोबारा मौका मिलेगा?

हाँ, सूची समय-समय पर अपडेट होती है और नए पात्र परिवार जोड़े जाते हैं। ग्राम पंचायत सचिव या BDO से संपर्क करके सर्वे में नाम जुड़वाएँ और ग्राम सभा की बैठक में ज़रूर हिस्सा लें।

निष्कर्ष

अब आप अच्छी तरह जान गए हैं कि पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट कैसे देखें, चाहे कंप्यूटर से हो या मोबाइल से। थोड़ी सावधानी और सही पोर्टल की जानकारी से आप बिना किसी बिचौलिए के अपना नाम और किस्त की स्थिति खुद देख सकते हैं। ताज़ा और पक्की जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक साइट pmayg.nic.in और india.gov.in देखें। ऐसी ही और सरकारी योजनाओं की सरल जानकारी के लिए मेरी सरकारी योजना पर आते रहें।