
राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें, यह सवाल उस हर परिवार के सामने आता है जहाँ घर में नया बच्चा जन्म लेता है, बेटे की शादी के बाद बहू घर आती है, या किसी सदस्य का नाम पहले कार्ड में दर्ज होने से छूट गया था। राशन कार्ड सिर्फ़ अनाज लेने का पर्चा नहीं है, यह परिवार की पहचान और कई सरकारी योजनाओं की चाबी भी है। जिस सदस्य का नाम कार्ड में दर्ज नहीं होता, उसे न तो राशन में हिस्सा मिलता है और न ही उससे जुड़े कई लाभ।
अच्छी बात यह है कि आज ज़्यादातर राज्यों में यह काम घर बैठे ऑनलाइन खाद्य पोर्टल से भी हो जाता है, और जो लोग इंटरनेट से सहज नहीं हैं वे खाद्य विभाग कार्यालय या नज़दीकी जन सेवा केंद्र यानी CSC से भी करा सकते हैं। बस सही दस्तावेज़ और थोड़ा धैर्य चाहिए। जल्दबाज़ी या अधूरी जानकारी की वजह से ही ज़्यादातर आवेदन बीच में अटकते हैं।
इस गाइड में हम सरल भाषा में समझेंगे कि नवजात, पत्नी या किसी भी नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके स्टेप बाय स्टेप क्या हैं, फीस और समय कितना लगता है, आवेदन का स्टेटस कैसे देखें, और वे आम गलतियाँ कौन सी हैं जिनसे आपका आवेदन रुक सकता है। ध्यान रहे, हर राज्य का अपना खाद्य पोर्टल और थोड़े अलग नियम होते हैं, इसलिए अंतिम पुष्टि हमेशा अपने राज्य की आधिकारिक साइट से ही करें।
सीधा जवाब
राशन कार्ड में नया नाम जोड़ने के लिए अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर लॉगिन करें, “नया सदस्य जोड़ें” या “राशन कार्ड संशोधन” विकल्प चुनें, नए सदस्य की जानकारी भरें और ज़रूरी दस्तावेज़ यानी जन्म या विवाह प्रमाण पत्र, आधार और पुराना राशन कार्ड अपलोड करके आवेदन जमा कर दें। जो लोग ऑनलाइन नहीं कर सकते, वे खाद्य विभाग कार्यालय या CSC केंद्र से यही फॉर्म भर सकते हैं। सत्यापन पूरा होते ही नाम कार्ड में जुड़ जाता है।
मुख्य बातें
- नवजात शिशु, नई पत्नी या किसी भी छूटे हुए परिवार सदस्य का नाम राशन कार्ड में जोड़ा जा सकता है, हर स्थिति के लिए दस्तावेज़ थोड़े अलग होते हैं।
- नाम जोड़ने के दो तरीके हैं, अपने राज्य के खाद्य पोर्टल से ऑनलाइन और खाद्य कार्यालय या CSC से ऑफलाइन।
- सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ हैं, परिवार का मौजूदा राशन कार्ड, मुखिया और नए सदस्य का आधार, तथा जन्म या विवाह प्रमाण पत्र।
- फीस राज्य के अनुसार अलग होती है, कई राज्यों में यह मुफ़्त या बहुत मामूली है, सही जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर ही देखें।
- आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाले रसीद या आवेदन नंबर से आप स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं।
- किसी अनजान फोन कॉल या मैसेज पर OTP या पैसे कभी शेयर न करें, केवल सरकारी पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
राशन कार्ड में नाम जोड़ना क्या है और कब ज़रूरी होता है
राशन कार्ड एक परिवार का साझा दस्तावेज़ है जिसमें मुखिया के साथ घर के सभी सदस्यों के नाम, उम्र और आपसी रिश्ता दर्ज होता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के तहत मिलने वाला राशन इन्हीं दर्ज सदस्यों की संख्या के आधार पर तय होता है। इसीलिए जब भी परिवार में कोई नया सदस्य जुड़ता है, उसका नाम कार्ड में चढ़ाना ज़रूरी हो जाता है, वरना उस सदस्य के हिस्से का राशन और लाभ नहीं मिल पाता।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकार यह चाहती है कि हर पात्र व्यक्ति का नाम सही तरीके से जुड़ा रहे। इससे न सिर्फ़ राशन का हिसाब ठीक रहता है, बल्कि आगे चलकर सदस्य को अन्य योजनाओं में भी दिक्कत नहीं आती। मिसाल के तौर पर, बच्चे की स्कूल छात्रवृत्ति या किसी योजना के फॉर्म में जब पूरा परिवार विवरण माँगा जाता है, तब राशन कार्ड में नाम होना काम आता है।
नाम जोड़ने की ज़रूरत आम तौर पर इन स्थितियों में पड़ती है, घर में नवजात शिशु के जन्म पर, विवाह के बाद पत्नी या बहू के परिवार में आने पर, पहले किसी कारण से छूट गए सदस्य को दोबारा जोड़ने पर, या किसी सदस्य के दूसरे शहर से आकर परिवार के साथ स्थायी रूप से रहने पर। हर राज्य में इसकी प्रक्रिया मिलती-जुलती है, पर पोर्टल और फॉर्म का नाम अलग हो सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के अपने-अपने खाद्य विभाग पोर्टल हैं।
किन-किन सदस्यों का नाम जोड़ा जा सकता है
राशन कार्ड में नाम जोड़ने से पहले यह समझ लेना ज़रूरी है कि किस सदस्य के लिए किस तरह के कागज़ माँगे जाते हैं, क्योंकि हर स्थिति थोड़ी अलग होती है।
नवजात शिशु का नाम
घर में बच्चे के जन्म के बाद उसका नाम माता-पिता के राशन कार्ड में जोड़ा जाता है। इसके लिए सबसे अहम दस्तावेज़ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र होता है, जो नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत से बनता है। साथ में माता-पिता का आधार और परिवार का मौजूदा राशन कार्ड लगता है। बच्चे का आधार अगर बन गया हो तो वह भी दें, पर छोटे बच्चों के मामले में कई राज्य बाद में आधार जोड़ने की छूट देते हैं।
विवाह के बाद पत्नी का नाम
शादी के बाद पत्नी या बहू का नाम पति के परिवार वाले राशन कार्ड में जोड़ा जाता है। यहाँ एक ज़रूरी बात यह है कि पहले उसका नाम मायके यानी माता-पिता के राशन कार्ड से हटवाना पड़ता है, ताकि एक ही व्यक्ति दो कार्ड में दर्ज न रहे। मायके वाले कार्ड से नाम हटने का प्रमाण, जिसे विलोपन या डिलीशन सर्टिफिकेट कहते हैं, नया नाम जोड़ते समय काम आता है। इसके साथ विवाह प्रमाण पत्र, पत्नी का आधार और पति का राशन कार्ड ज़रूरी होता है।
परिवार के अन्य सदस्य
कभी-कभी माता-पिता, गोद लिया बच्चा, या कोई ऐसा सदस्य जिसका नाम पहले छूट गया था, उसे भी जोड़ना होता है। ऐसे में उस सदस्य का आधार, परिवार से रिश्ते का प्रमाण और, अगर वह किसी दूसरे कार्ड में दर्ज था तो वहाँ से नाम हटने का प्रमाण देना होता है। अगर आपने अभी तक नया कार्ड ही नहीं बनवाया है तो पहले राशन कार्ड ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया देख लें, उसके बाद नाम जोड़ना आसान रहेगा।
नाम जोड़ने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें, यह काफ़ी हद तक इस पर निर्भर करता है कि आपके दस्तावेज़ कितने पूरे और सही हैं, क्योंकि दस्तावेज़ ही किसी भी आवेदन की रीढ़ होते हैं। अगर कागज़ पूरे और साफ़ हैं तो सत्यापन जल्दी होता है, और अगर कुछ अधूरा है तो आवेदन बार-बार लौटता है। नीचे स्थिति के हिसाब से सामान्य सूची दी गई है, पर याद रखें कि हर राज्य अपनी सूची में थोड़ा फेरबदल कर सकता है, इसलिए अपने पोर्टल पर दी गई माँग ज़रूर पढ़ें।
हर मामले में आम तौर पर ये कागज़ लगते हैं, परिवार का मौजूदा राशन कार्ड, मुखिया का आधार, नए सदस्य का आधार अगर बना हो, और भरा हुआ आवेदन फॉर्म। इनके अलावा स्थिति के अनुसार अलग दस्तावेज़ जुड़ते हैं।
- नवजात शिशु के लिए, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता के पहचान दस्तावेज़।
- पत्नी या बहू के लिए, विवाह प्रमाण पत्र, पत्नी का आधार और मायके के राशन कार्ड से नाम हटने का विलोपन प्रमाण।
- अन्य सदस्य के लिए, आधार, निवास प्रमाण और पिछले कार्ड से नाम हटने का प्रमाण अगर लागू हो।
एक और अहम बात, आधार का नाम, जन्मतिथि और वर्तनी वही होनी चाहिए जो आप फॉर्म में भर रहे हैं। नाम जोड़ते समय आधार सत्यापन कई राज्यों में अनिवार्य है, इसलिए बेहतर रहेगा कि पहले राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया भी समझ लें। सभी कागज़ों की एक साफ़ स्कैन कॉपी या अच्छी रोशनी में खींची तस्वीर पहले से तैयार रखें, ताकि अपलोड के समय भागदौड़ न हो।
ऑनलाइन राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें (राज्य खाद्य पोर्टल से)

अब सबसे ज़रूरी हिस्से पर आते हैं। बहुत से लोग यही जानना चाहते हैं कि ऑनलाइन राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें, तो नीचे दिए चरण लगभग हर राज्य के पोर्टल पर मिलते-जुलते हैं। सिर्फ़ बटन और विकल्प के नाम राज्य के अनुसार बदल सकते हैं।
- सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। किस राज्य का कौन सा पोर्टल है, यह आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल से भी पता कर सकते हैं।
- अगर आपका खाता नहीं है तो नागरिक रजिस्ट्रेशन करें, फिर मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें। कुछ राज्यों में यह काम केवल CSC आईडी से होता है।
- लॉगिन के बाद “राशन कार्ड संशोधन”, “सदस्य जोड़ें” या “नया सदस्य पंजीकरण” जैसा विकल्प खोजें।
- अपना राशन कार्ड नंबर डालें। स्क्रीन पर आपके परिवार की मौजूदा जानकारी खुल जाएगी।
- अब नए सदस्य का पूरा नाम, जन्मतिथि, मुखिया से रिश्ता और आधार नंबर ध्यान से भरें। वर्तनी दो बार जाँच लें।
- माँगे गए दस्तावेज़ की स्कैन कॉपी तय आकार और फॉर्मैट में अपलोड करें।
- पूरा फॉर्म एक बार दोबारा पढ़ें, फिर सबमिट करें। सबमिट के बाद मिलने वाला आवेदन या रसीद नंबर सुरक्षित नोट कर लें, स्टेटस देखने में यही काम आएगा।
- आवेदन अब सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारी के पास जाता है। सत्यापन पूरा होने पर नाम जुड़ जाता है और अपडेटेड कार्ड पोर्टल से डाउनलोड या कार्यालय से मिल जाता है।
अगर बीच में कोई फ़ील्ड समझ न आए तो अनुमान से न भरें। पोर्टल पर दिए दिशा-निर्देश पढ़ें या हेल्पलाइन से पूछें। गलत जानकारी बाद में आवेदन रद्द करा सकती है।
ऑफलाइन तरीका: खाद्य कार्यालय या CSC से नाम जोड़ें
हर किसी के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं होती, और ग्रामीण इलाकों में अक्सर ऑफलाइन तरीका ही भरोसेमंद लगता है। इसके लिए नीचे दिए चरण अपनाएँ।
- अपने क्षेत्र के खाद्य आपूर्ति कार्यालय, तहसील, या नज़दीकी जन सेवा केंद्र यानी CSC पर जाएँ।
- वहाँ से राशन कार्ड में नाम जोड़ने का फॉर्म लें। यह फॉर्म कई राज्यों के पोर्टल से डाउनलोड करके प्रिंट भी किया जा सकता है।
- फॉर्म में मुखिया और नए सदस्य की सही जानकारी भरें, और साथ में सभी ज़रूरी दस्तावेज़ की स्वप्रमाणित यानी सेल्फ अटेस्टेड कॉपी लगाएँ।
- भरा हुआ फॉर्म संबंधित काउंटर पर जमा करें और बदले में रसीद ज़रूर लें। इस रसीद पर आवेदन नंबर होता है।
- इसके बाद विभाग दस्तावेज़ों की जाँच करता है। कुछ मामलों में फील्ड सत्यापन के लिए कर्मचारी घर भी आ सकते हैं।
- सब सही पाए जाने पर नाम कार्ड में जुड़ जाता है और आपको अपडेटेड राशन कार्ड मिल जाता है।
ऑफलाइन आवेदन करते समय एक बात का ध्यान रखें, फॉर्म भरने या जमा करने के नाम पर अगर कोई तय सरकारी शुल्क से ज़्यादा पैसे माँगे तो सतर्क हो जाएँ। रसीद हमेशा माँगें और उसे संभालकर रखें।
फीस और लगने वाला समय
नाम जोड़ने की फीस हर राज्य में एक जैसी नहीं होती। कुछ राज्यों में यह सेवा निःशुल्क है, तो कुछ जगह बहुत मामूली शुल्क लिया जाता है। हम यहाँ जानबूझकर कोई तय रकम नहीं बता रहे, क्योंकि यह समय-समय पर और राज्य के अनुसार बदलती रहती है। सही और ताज़ा शुल्क अपने राज्य के खाद्य पोर्टल पर या कार्यालय की आधिकारिक रसीद पर ही देखें।
समय की बात करें तो आवेदन जमा करने के बाद दस्तावेज़ों का सत्यापन होता है, और यह पूरा होने पर ही नाम जुड़ता है। आम तौर पर यह प्रक्रिया कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ़्तों में पूरी होती है, पर यह राज्य, कार्यालय के काम के बोझ और जाँच पर निर्भर करती है। इसलिए किसी तय तारीख की उम्मीद रखने के बजाय बीच-बीच में स्टेटस देखते रहना बेहतर है। अगर तय समय से बहुत ज़्यादा देर हो जाए तो अपने आवेदन नंबर के साथ कार्यालय में संपर्क करें।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें
आवेदन जमा करने के बाद सबसे बड़ी राहत तब मिलती है जब पता चलता है कि काम किस चरण में है। स्टेटस देखने का तरीका भी आसान है। अपने राज्य के खाद्य पोर्टल पर “आवेदन की स्थिति” या “एप्लिकेशन स्टेटस” वाले पेज पर जाएँ, वहाँ रसीद या आवेदन नंबर डालें, और मौजूदा स्थिति स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें आम तौर पर दिखता है कि आवेदन जमा हुआ, सत्यापन में है, स्वीकृत हुआ या किसी कारण लौटाया गया।
अगर आपने ऑफलाइन या CSC से आवेदन किया है, तो वहीं से भी स्थिति पूछी जा सकती है। कई राज्यों में खाद्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके भी जानकारी मिल जाती है। अगर स्टेटस में कोई कमी या आपत्ति दिखे, तो घबराएँ नहीं, उसमें बताई गई कमी पूरी करके दोबारा जमा कर दें। रसीद नंबर संभालकर रखना इसीलिए ज़रूरी है।
आम गलतियाँ जो आवेदन रोक देती हैं
कई बार आवेदन सिर्फ़ छोटी-छोटी लापरवाहियों की वजह से अटक जाता है। अगर आप इन गलतियों से पहले ही बच जाएँ, तो नाम जुड़ने में देरी नहीं होगी।
- नए सदस्य के नाम या जन्मतिथि की वर्तनी फॉर्म और आधार में अलग-अलग लिख देना। दोनों जगह हूबहू एक जैसी होनी चाहिए।
- मायके या पुराने कार्ड से नाम हटवाए बिना नया नाम जोड़ने की कोशिश करना, जिससे एक ही व्यक्ति दो कार्ड में दर्ज हो जाता है और आवेदन रद्द हो सकता है।
- धुंधले, कटे-फटे या अधूरे दस्तावेज़ अपलोड करना, जिनसे जानकारी साफ़ नहीं पढ़ी जाती।
- सबमिट के बाद मिला आवेदन या रसीद नंबर न रखना, जिससे बाद में स्टेटस देखना मुश्किल हो जाता है।
- मुखिया का मोबाइल नंबर पुराना या बंद होना, जबकि ओटीपी और सूचनाएँ उसी नंबर पर आती हैं।
- राज्य पोर्टल के बजाय किसी अनजान वेबसाइट या ऐप पर जानकारी भर देना।
इन बातों को एक बार जाँच लेने से आधे से ज़्यादा दिक्कतें अपने आप दूर हो जाती हैं।
कब न करें और ज़रूरी सावधानियाँ
राशन कार्ड सरकारी दस्तावेज़ है, इसलिए इसमें दी गई हर जानकारी सच्ची होनी चाहिए। किसी सदस्य की गलत उम्र, फर्जी रिश्ता या झूठा प्रमाण पत्र लगाना कानूनी रूप से गलत है और आगे चलकर पूरे परिवार का कार्ड रद्द हो सकता है। अगर किसी सदस्य का नाम पहले से किसी दूसरे कार्ड में दर्ज है, तो पहले वहाँ से हटवाएँ, फिर जोड़ें। एक व्यक्ति का नाम दो जगह होना जाँच में पकड़ा जाता है।
अब सबसे ज़रूरी सावधानी, ठगी से बचाव। आजकल कई लोग सरकारी काम के नाम पर फोन कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप संदेश भेजकर लोगों को फँसाते हैं। ध्यान रखें, कोई भी असली सरकारी विभाग आपसे फोन पर OTP, एटीएम पिन या बैंक जानकारी नहीं माँगता। अगर कोई कहे कि “राशन कार्ड अपडेट करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें” या “फीस ऑनलाइन जमा करें, वरना कार्ड बंद हो जाएगा”, तो यह ठगी का इशारा है।
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, न ही ऐसा कोई ऐप डाउनलोड करें जो व्हाट्सऐप या मैसेज से आया हो। नाम जोड़ने का काम या तो अपने राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल से करें, या भरोसेमंद CSC केंद्र और खाद्य कार्यालय से। बिचौलियों को सरकारी शुल्क से ज़्यादा पैसे न दें और हर भुगतान की रसीद लें। थोड़ी सतर्कता आपके पैसे और जानकारी, दोनों को सुरक्षित रखती है। ऐसी ही और भरोसेमंद जानकारी के लिए आप मेरी सरकारी योजना पर दूसरी गाइड भी पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नवजात शिशु का नाम राशन कार्ड में तुरंत जुड़ जाता है?
नवजात का नाम जोड़ने के लिए सबसे पहले बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना ज़रूरी है। यह प्रमाण पत्र और माता-पिता के दस्तावेज़ लगाकर आवेदन करने के बाद सत्यापन होता है, और उसके पूरा होने पर ही नाम जुड़ता है। यानी यह तुरंत नहीं, बल्कि जाँच के बाद होता है।
शादी के बाद पत्नी का नाम राशन कार्ड में कैसे जोड़ें?
पहले पत्नी का नाम उसके मायके वाले राशन कार्ड से हटवाएँ और विलोपन प्रमाण लें। फिर पति के परिवार वाले कार्ड में विवाह प्रमाण पत्र, पत्नी का आधार और यह विलोपन प्रमाण लगाकर ऑनलाइन पोर्टल या खाद्य कार्यालय से नाम जोड़ने का आवेदन करें।
राशन कार्ड में नाम जोड़ने में कितने दिन लगते हैं?
लगने वाला समय राज्य और सत्यापन प्रक्रिया पर निर्भर करता है। आम तौर पर यह कुछ दिनों से कुछ हफ़्तों के बीच पूरा हो जाता है। सटीक समय पहले से बताना मुश्किल है, इसलिए आवेदन नंबर से बीच-बीच में स्टेटस देखते रहना सबसे सही तरीका है।
क्या राशन कार्ड में नाम जोड़ने की कोई फीस है?
फीस हर राज्य में अलग होती है। कई राज्यों में यह सेवा मुफ़्त है, तो कहीं बहुत मामूली शुल्क लगता है। कोई एक तय रकम सब जगह लागू नहीं होती, इसलिए सही जानकारी अपने राज्य के आधिकारिक खाद्य पोर्टल या कार्यालय की रसीद से ही लें।
क्या बिना आधार कार्ड के नाम जोड़ा जा सकता है?
ज़्यादातर राज्यों में आधार अब लगभग अनिवार्य हो गया है, क्योंकि सत्यापन इसी से होता है। बहुत छोटे बच्चों के लिए कुछ राज्य बाद में आधार जोड़ने की छूट देते हैं। अपने राज्य का सही नियम आधिकारिक पोर्टल पर ज़रूर देख लें।
राशन कार्ड में नाम जोड़ने का स्टेटस कैसे देखें?
आवेदन के समय मिली रसीद या आवेदन नंबर लें, अपने राज्य के खाद्य पोर्टल पर “आवेदन की स्थिति” वाले पेज पर जाएँ और वह नंबर डालें। स्क्रीन पर मौजूदा स्थिति दिख जाएगी। CSC केंद्र या खाद्य विभाग हेल्पलाइन से भी यह जानकारी मिल सकती है।
क्या एक ही व्यक्ति का नाम दो राशन कार्ड में हो सकता है?
नहीं, नियमों के अनुसार एक व्यक्ति का नाम केवल एक ही राशन कार्ड में होना चाहिए। दो जगह नाम होना जाँच में पकड़ा जाता है और इससे आवेदन रद्द हो सकता है। इसीलिए नया नाम जोड़ने से पहले पुराने कार्ड से नाम हटवाना ज़रूरी है।
ऑनलाइन नाम न जुड़ पाए तो क्या करें?
अगर पोर्टल पर कोई तकनीकी दिक्कत आ रही हो या दस्तावेज़ अपलोड न हो रहे हों, तो थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें। फिर भी बात न बने तो नज़दीकी CSC केंद्र या खाद्य विभाग कार्यालय जाकर ऑफलाइन आवेदन कर दें। दोनों तरीकों का नतीजा एक जैसा ही रहता है।
अब आप अच्छी तरह जान गए होंगे कि राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें। सच यह है कि राशन कार्ड में नया सदस्य जोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस सही दस्तावेज़, सही जानकारी और थोड़े धैर्य की ज़रूरत होती है। ऊपर बताए तरीकों से आप नवजात, पत्नी या किसी भी सदस्य का नाम आसानी से जोड़ सकते हैं। किसी भी उलझन में आधिकारिक जानकारी के लिए NFSA की वेबसाइट और राष्ट्रीय सेवा पोर्टल India.gov.in पर ज़रूर देखें, और अंतिम पुष्टि हमेशा अपने राज्य के खाद्य पोर्टल से ही करें।



