
आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएँ, यह सवाल आज हर उस परिवार के मन में आता है जो बीमारी के समय अस्पताल के भारी खर्च से बचना चाहता है। आयुष्मान भारत, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY भी कहा जाता है, देश की एक बड़ी स्वास्थ्य योजना है, और आयुष्मान कार्ड इसी योजना के तहत मुफ़्त इलाज पाने की चाबी है। जिन परिवारों का नाम इस योजना की सूची में होता है, वे इस कार्ड की मदद से जुड़े हुए सरकारी और निजी अस्पतालों में तय पैकेज पर कैशलेस इलाज करा सकते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि अब यह कार्ड बनवाने के लिए किसी दफ़्तर के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं रह गई है। अगर आपका नाम पात्र सूची में है, तो आप अपने मोबाइल से ही, घर बैठे, कुछ ही मिनटों में यह कार्ड बना और डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने beneficiary.nha.gov.in पोर्टल और आयुष्मान ऐप, दोनों उपलब्ध कराए हैं। जो लोग खुद से नहीं कर पाते, वे नज़दीकी CSC केंद्र या किसी सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान मित्र से भी कार्ड बनवा सकते हैं।
इस गाइड में हम आसान भाषा में समझेंगे कि आयुष्मान कार्ड किसके लिए है, पात्रता कैसे जाँचें, कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, मोबाइल से खुद कार्ड बनाने के step by step चरण क्या हैं, e-KYC और फोटो कैसे अपलोड करें, कार्ड कैसे डाउनलोड करें, और इलाज के समय इसका उपयोग कैसे होता है। साथ ही उन आम गलतियों और ठगी से भी सावधान करेंगे जो अक्सर लोगों को परेशान करती हैं। ध्यान रहे, योजना के नियम और कवर से जुड़ी सटीक जानकारी समय-समय पर बदलती रहती है, इसलिए अंतिम पुष्टि हमेशा आधिकारिक साइट से ही करें।
सीधा जवाब
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप खोलें, अपने मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें, फिर अपना राज्य चुनकर आधार या राशन कार्ड से अपनी पात्रता जाँचें। अगर आपका नाम सूची में दिखता है, तो आधार आधारित e-KYC पूरी करें, अपनी फोटो अपलोड करें और आवेदन जमा कर दें। स्वीकृति मिलते ही आप अपना आयुष्मान कार्ड उसी पोर्टल या ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं। यह पूरी सेवा मुफ़्त है, इसके लिए किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं।
मुख्य बातें
- आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान भारत PM-JAY योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज दिलाने का ज़रिया है।
- कार्ड बनाने के दो आसान तरीके हैं, beneficiary.nha.gov.in पोर्टल और आयुष्मान ऐप, और दोनों मोबाइल से ही चलाए जा सकते हैं।
- सबसे पहली शर्त पात्रता है, यानी आपके परिवार का नाम योजना की सूची में होना चाहिए, इसे कार्ड बनाने से पहले ज़रूर जाँच लें।
- कार्ड बनाने में आधार, आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर और e-KYC सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
- आयुष्मान कार्ड बनवाना पूरी तरह मुफ़्त है, इसके लिए किसी एजेंट को फीस या किसी को OTP देने की ज़रूरत नहीं।
- कवर की राशि और इसमें शामिल इलाज की सटीक जानकारी हमेशा आधिकारिक साइट pmjay.gov.in पर ही देखें।
आयुष्मान कार्ड क्या है और किसके लिए है
आयुष्मान भारत PM-JAY देश की एक बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण यानी National Health Authority संभालता है। इस योजना का मकसद उन परिवारों को गंभीर बीमारी के समय अस्पताल के खर्च से राहत देना है, जिनके लिए बड़ा इलाज कराना आर्थिक रूप से मुश्किल होता है। आयुष्मान कार्ड इसी योजना का पहचान पत्र है।
यह योजना पात्र परिवारों को हर साल एक तय सीमा तक कैशलेस इलाज की सुविधा देती है। इस कवर को आम तौर पर सालाना ₹5 लाख तक के इलाज के रूप में जाना जाता है, लेकिन सटीक राशि, इसमें शामिल इलाज और हाल के बदलावों की पुष्टि हमेशा PMJAY की आधिकारिक वेबसाइट पर ही करें, क्योंकि योजना के नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं।
एक अहम बात यह भी है कि यह योजना परिवार आधारित है, यानी जिस परिवार का नाम सूची में है, उसके पात्र सदस्यों के अलग-अलग कार्ड बनते हैं। हाल के समय में सरकार ने 70 साल और उससे अधिक उम्र के बुज़ुर्गों को भी इसमें जोड़ा है, जिससे कई बुज़ुर्ग नागरिक भी कार्ड बनवा सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड की पात्रता कैसे जाँचें
आयुष्मान कार्ड बनाने से पहले सबसे ज़रूरी कदम है अपनी पात्रता जाँचना, क्योंकि यह योजना हर किसी के लिए अपने आप लागू नहीं होती। इसमें पात्रता मुख्य रूप से सरकार की तय सामाजिक और आर्थिक श्रेणियों पर आधारित होती है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के कमज़ोर वर्ग शामिल किए गए हैं। इसके अलावा 70 साल से ऊपर के बुज़ुर्गों के लिए हाल में अलग व्यवस्था जोड़ी गई है। इसलिए बिना जाँचे यह मान लेना सही नहीं कि आप पात्र हैं या नहीं।
पात्रता जाँचने के कई आसान तरीके हैं। सबसे सीधा तरीका है beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप खोलकर मोबाइल नंबर से लॉगिन करना, राज्य चुनना और आधार, राशन कार्ड या नाम से खोजना। अगर आपका नाम सूची में है, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके अलावा pmjay.gov.in, नज़दीकी CSC केंद्र, या किसी सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान मित्र से भी पात्रता की जाँच करा सकते हैं।
अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और पहले ई-श्रम कार्ड कैसे बनाएँ की प्रक्रिया से रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, तब भी आयुष्मान की पात्रता अलग से जाँचनी ज़रूरी है, क्योंकि दोनों योजनाओं के नियम अलग हैं। अगर पोर्टल पर आपका नाम नहीं दिखता, तो घबराएँ नहीं, राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14555 या नज़दीकी केंद्र से यह समझ लें कि आप किसी श्रेणी में आते हैं या नहीं।
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
आयुष्मान कार्ड बनाना काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपके दस्तावेज़ पूरे और आधार से मिलते-जुलते हैं या नहीं। अच्छी बात यह है कि इसमें बहुत लंबी दस्तावेज़ सूची नहीं लगती, क्योंकि पूरी प्रक्रिया आधार आधारित e-KYC से होती है, फिर भी कुछ ज़रूरी चीज़ें पहले से तैयार रखना समझदारी है।
आम तौर पर ये चीज़ें काम आती हैं:
- आधार कार्ड, क्योंकि पहचान और e-KYC इसी से होती है।
- आधार से जुड़ा हुआ चालू मोबाइल नंबर, ताकि OTP उसी पर आ सके।
- परिवार की पहचान के लिए राशन कार्ड या पात्रता से जुड़ी जानकारी, जो कई मामलों में परिवार खोजने में मदद करती है।
- एक साफ़ फोटो, जिसे प्रक्रिया के दौरान कैमरे से लिया या अपलोड किया जा सके।
यहाँ एक बात ध्यान देने की है कि आधार में दर्ज नाम, जन्मतिथि और वर्तनी सही होनी चाहिए, क्योंकि सत्यापन इसी से होता है। अगर मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है, तो OTP नहीं आएगा और e-KYC अटक जाएगी। कई परिवारों में राशन कार्ड से पहचान जोड़ी जाती है, इसलिए बेहतर रहेगा कि आप पहले राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया भी समझ लें, ताकि जानकारी हर जगह एक जैसी रहे।
मोबाइल से आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएँ: beneficiary.nha.gov.in से step by step

अब सबसे ज़रूरी हिस्से पर आते हैं। बहुत से लोग यही जानना चाहते हैं कि मोबाइल से आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएँ, तो नीचे दिए चरण beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर लगभग हर पात्र व्यक्ति के लिए एक जैसे रहते हैं।
- सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में beneficiary.nha.gov.in खोलें। ध्यान रखें कि यही असली सरकारी पता है।
- लॉगिन वाले हिस्से में “Beneficiary” यानी लाभार्थी विकल्प चुनें, अपना मोबाइल नंबर डालें, स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा भरें और OTP मँगाएँ। OTP डालकर लॉगिन करें।
- लॉगिन के बाद खोज वाली स्क्रीन खुलेगी। यहाँ योजना में PMJAY चुनें, अपना राज्य चुनें, और यह तय करें कि आप आधार, राशन कार्ड, नाम या परिवार आईडी में से किससे खोजना चाहते हैं।
- चुनी हुई जानकारी, जैसे आधार नंबर, ध्यान से भरें और खोजें। अगर आपका परिवार सूची में है, तो सदस्यों के नाम स्क्रीन पर आ जाएँगे।
- अपने नाम के सामने स्थिति देखें। अगर कार्ड अभी नहीं बना है और e-KYC बाकी है, तो वहाँ दिए गए e-KYC या “Do e-KYC” जैसे विकल्प पर टैप करें।
- e-KYC का तरीका चुनें, आम तौर पर आधार OTP सबसे आसान रहता है। सहमति देकर आधार से जुड़े नंबर पर आया OTP भरें।
- सत्यापन के बाद अपनी फोटो कैमरे से लें या माँगे अनुसार अपलोड करें, और स्क्रीन पर दिख रहे निर्देश के अनुसार उसे मिलाएँ।
- बाकी माँगी गई जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, पता और रिश्ता सही-सही भरें, फिर आवेदन जमा कर दें।
- कुछ मामलों में कार्ड तुरंत स्वीकृत हो जाता है, तो कुछ में यह जाँच के लिए आगे जाता है। स्वीकृति के बाद उसी पोर्टल से “Download Card” के ज़रिए कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
अगर बीच में कोई फ़ील्ड समझ न आए, तो अनुमान से न भरें, पोर्टल के दिशा-निर्देश पढ़ें या हेल्पलाइन से पूछें, क्योंकि गलत जानकारी बाद में आवेदन को अटका सकती है।
आयुष्मान ऐप से मोबाइल पर कार्ड कैसे बनाएँ
जो लोग ऐप के ज़रिए काम करना ज़्यादा सहज पाते हैं, उनके लिए आयुष्मान ऐप भी अच्छा विकल्प है। इसकी प्रक्रिया पोर्टल जैसी ही है। इसे इस्तेमाल करने से पहले यह पक्का कर लें कि आप ऐप को केवल आधिकारिक Google Play Store से ही डाउनलोड कर रहे हैं, किसी अनजान लिंक से नहीं।
- Google Play Store खोलें और “Ayushman” यानी आयुष्मान ऐप खोजकर आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें।
- ऐप खोलकर “Beneficiary” यानी लाभार्थी के रूप में लॉगिन चुनें, मोबाइल नंबर डालें और OTP से लॉगिन करें।
- अंदर जाकर राज्य और योजना चुनें, फिर आधार या राशन कार्ड से अपने परिवार को खोजें।
- अपने नाम के सामने अगर e-KYC बाकी दिखे, तो उस पर टैप करके आधार OTP या फेस सत्यापन से e-KYC पूरी करें।
- फोटो कैमरे से लें, बाकी जानकारी भरें और आवेदन जमा करें।
- स्वीकृति के बाद इसी ऐप से अपना आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर लें।
ऐप और पोर्टल, दोनों का नतीजा एक जैसा ही होता है, इसलिए जिस भी तरीके में आपको सहूलियत लगे, उसे चुन सकते हैं।
e-KYC और फोटो कैसे अपलोड करें
पूरी प्रक्रिया में e-KYC सबसे अहम चरण है, क्योंकि यही आपकी पहचान की पुष्टि करता है। e-KYC के लिए आम तौर पर कुछ तरीके मिलते हैं। पहला और सबसे आसान है आधार OTP, जिसमें आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आता है। दूसरा तरीका फेस सत्यापन यानी चेहरे से पहचान है, जिसके लिए फोन में सामने का कैमरा और ज़रूरी सहायक ऐप चाहिए होता है। तीसरा तरीका फिंगरप्रिंट है, जो अक्सर CSC केंद्र या अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन के साथ इस्तेमाल होता है।
फोटो अपलोड करते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखें। चेहरा साफ़ और पूरा दिखे, रोशनी अच्छी हो, और चेहरे पर कुछ ढका हुआ न हो। धुंधली या अंधेरी फोटो कई बार सत्यापन में दिक्कत देती है और आवेदन रुक सकता है।
अगर आधार OTP नहीं आ रहा, तो इसका सबसे आम कारण यह होता है कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है। ऐसी स्थिति में पहले आधार सेवा केंद्र से नंबर अपडेट कराना पड़ सकता है, या फिर फेस सत्यापन जैसा दूसरा तरीका आज़माना पड़ता है।
आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कैसे करें
कार्ड बनने और स्वीकृति मिलने के बाद उसे डाउनलोड करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको दोबारा वही beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप खोलना होता है, जिससे आपने आवेदन किया था। मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें, अपना राज्य और योजना चुनें, फिर आधार या राशन कार्ड से खुद को खोजें।
जब आपका नाम स्क्रीन पर आए और उसकी स्थिति स्वीकृत यानी “Approved” दिखे, तो उसके सामने दिए गए डाउनलोड के निशान या “Download Card” विकल्प पर टैप करें। कार्ड आम तौर पर पीडीएफ के रूप में डाउनलोड होता है, जिसे आप मोबाइल में सुरक्षित रख सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर प्रिंट भी करा सकते हैं। अगर आप खुद डाउनलोड नहीं कर पा रहे, तो नज़दीकी CSC केंद्र से भी मदद ली जा सकती है।
एक सलाह यह है कि कार्ड डाउनलोड होते ही उसकी एक कॉपी अपने फोन में और एक प्रिंट घर के दस्तावेज़ों के साथ रख लें, ताकि इलाज के समय जल्दबाज़ी में कार्ड न ढूँढना पड़े।
इलाज में आयुष्मान कार्ड का उपयोग कैसे करें
कार्ड बन जाना आधी बात है, असली फायदा इसे सही तरीके से इलाज में इस्तेमाल करने पर मिलता है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं अस्पतालों में मिलता है जो इसमें सूचीबद्ध यानी empanelled हैं। कौन से अस्पताल इसमें शामिल हैं, इसकी सूची आप pmjay.gov.in पर “Find Hospital” जैसे विकल्प से देख सकते हैं। इसलिए इलाज से पहले यह जाँच लेना समझदारी है कि जिस अस्पताल में आप जा रहे हैं, वह योजना में शामिल है या नहीं।
सूचीबद्ध अस्पताल में पहुँचने पर आयुष्मान मित्र या आरोग्य मित्र की मदद डेस्क होती है। वहाँ अपना आयुष्मान कार्ड और आधार जैसा एक पहचान पत्र दिखाएँ। कर्मचारी आपकी पात्रता की पुष्टि करते हैं, और अगर आपका इलाज योजना के तय पैकेज में आता है, तो वह कैशलेस तरीके से होता है।
यह याद रखना ज़रूरी है कि योजना में शामिल इलाज, पैकेज और शर्तें सरकार तय करती है, इसलिए हर बीमारी या हर खर्च अपने आप इसमें शामिल हो, ऐसा मान लेना ठीक नहीं। इलाज से जुड़ी सटीक जानकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र और आधिकारिक साइट से ही समझें।
आम गलतियाँ जो कार्ड बनने में रुकावट डालती हैं
कई बार आवेदन सिर्फ़ छोटी-छोटी लापरवाहियों की वजह से अटक जाता है, जिनसे पहले ही बच जाएँ तो कार्ड बनने में देरी नहीं होगी।
- पात्रता जाँचे बिना ही यह मान लेना कि कार्ड बन जाएगा, जबकि सबसे पहले नाम सूची में होना ज़रूरी है।
- आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा न होना, जिससे e-KYC के लिए OTP ही नहीं आता।
- आधार और आवेदन में नाम या जन्मतिथि की वर्तनी अलग-अलग होना, जिससे सत्यापन में दिक्कत आती है।
- धुंधली, अंधेरी या आधी दिखने वाली फोटो अपलोड करना, जिससे फोटो मिलान में समस्या होती है।
- गलत राज्य या गलत योजना चुन लेना, जिससे सही परिवार खोज में नहीं आता।
- आधिकारिक पोर्टल के बजाय किसी अनजान वेबसाइट या ऐप पर जानकारी भर देना।
इन बातों को एक बार ध्यान से जाँच लेने से आधे से ज़्यादा दिक्कतें अपने आप दूर हो जाती हैं। फिर भी कार्ड न बने, तो नज़दीकी CSC केंद्र या सूचीबद्ध अस्पताल के आयुष्मान मित्र से मदद लें।
कब न करें और ज़रूरी सावधानियाँ
आयुष्मान कार्ड एक सरकारी दस्तावेज़ है, इसलिए इसमें दी गई हर जानकारी सच्ची होनी चाहिए। किसी की गलत उम्र, फर्जी पहचान या किसी और के नाम पर कार्ड बनवाने की कोशिश करना गलत है और आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर पोर्टल पर आपका नाम नहीं आ रहा, तो इसका मतलब है कि या तो आप उस श्रेणी में नहीं आते, या आपकी जानकारी सूची से मेल नहीं खा रही। ऐसे में सही रास्ता आधिकारिक जाँच है, न कि किसी बिचौलिये का सहारा।
अब सबसे ज़रूरी सावधानी, ठगी से बचाव। सबसे पहले यह गाँठ बाँध लें कि आयुष्मान कार्ड बनवाना पूरी तरह मुफ़्त है। अगर कोई व्यक्ति, कॉल या मैसेज आपसे कार्ड बनाने के नाम पर फीस माँगे, तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है। कोई भी असली सरकारी विभाग आपसे फोन पर OTP, बैंक जानकारी या एटीएम पिन नहीं माँगता। अगर कोई कहे कि “इस लिंक पर क्लिक करके तुरंत कार्ड बनवाइए, वरना नाम कट जाएगा”, तो यह ठगी का इशारा है।
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और व्हाट्सऐप या मैसेज से आया कोई ऐप डाउनलोड न करें। कार्ड बनाने का काम या तो beneficiary.nha.gov.in और pmjay.gov.in जैसी आधिकारिक साइट से करें, या भरोसेमंद CSC केंद्र और सूचीबद्ध अस्पताल से। किसी को अपना OTP न बताएँ और सरकारी सेवा के नाम पर किसी को पैसे न दें। थोड़ी सतर्कता आपके पैसे और जानकारी, दोनों को सुरक्षित रखती है। ऐसी ही और भरोसेमंद जानकारी के लिए आप मेरी सरकारी योजना पर दूसरी गाइड भी पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आयुष्मान कार्ड बनाना मुफ़्त है?
हाँ, आयुष्मान कार्ड बनवाना पूरी तरह मुफ़्त है। इसके लिए न कोई सरकारी फीस है और न ही किसी एजेंट को पैसे देने की ज़रूरत। अगर कोई कार्ड बनाने के बदले पैसे या OTP माँगे, तो सतर्क हो जाएँ, क्योंकि यह ठगी हो सकती है।
आयुष्मान कार्ड के लिए पात्रता कैसे पता करें?
पात्रता जाँचने के लिए beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप खोलें, मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, राज्य चुनें और आधार या राशन कार्ड से खोजें। इसके अलावा pmjay.gov.in, नज़दीकी CSC केंद्र, सूचीबद्ध अस्पताल या हेल्पलाइन 14555 से भी पात्रता जानी जा सकती है।
क्या मोबाइल से खुद आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं?
हाँ, अगर आपका नाम पात्र सूची में है और आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है, तो आप घर बैठे मोबाइल से खुद कार्ड बना सकते हैं। इसके लिए beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप से लॉगिन करके e-KYC और फोटो की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
आयुष्मान कार्ड बनाने में कौन से दस्तावेज़ लगते हैं?
मुख्य रूप से आधार कार्ड और आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर लगता है, क्योंकि पहचान और e-KYC इन्हीं से होती है। कई मामलों में परिवार खोजने के लिए राशन कार्ड की जानकारी काम आती है, और एक साफ़ फोटो भी चाहिए होती है।
e-KYC क्यों ज़रूरी है और कैसे होती है?
e-KYC आपकी पहचान की पुष्टि करने का तरीका है, जिसके बिना कार्ड नहीं बनता। यह आम तौर पर आधार OTP से होती है, जिसमें आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आता है। कुछ जगह फेस सत्यापन या फिंगरप्रिंट का भी विकल्प रहता है, इसीलिए मोबाइल नंबर का आधार से जुड़ा होना बहुत ज़रूरी है।
आयुष्मान कार्ड बनने में कितना समय लगता है?
कई मामलों में e-KYC और फोटो पूरी होते ही कार्ड जल्दी स्वीकृत हो जाता है, जबकि कुछ आवेदन जाँच के लिए आगे जाते हैं और उनमें थोड़ा अधिक समय लगता है। सटीक समय पहले से बताना मुश्किल है, इसलिए आवेदन के बाद बीच-बीच में पोर्टल या ऐप पर अपनी स्थिति देखते रहें।
क्या आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का इलाज मुफ़्त है?
यह योजना तय पैकेज और शर्तों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज देती है, इसलिए हर बीमारी या हर खर्च अपने आप इसमें शामिल हो, ऐसा मान लेना ठीक नहीं। कौन से इलाज और कितनी राशि तक कवर होते हैं, इसकी सटीक और ताज़ा जानकारी हमेशा आधिकारिक साइट pmjay.gov.in पर ही देखें।
आयुष्मान कार्ड खो जाए या दोबारा डाउनलोड करना हो तो क्या करें?
अगर कार्ड खो जाए या फोन बदल जाए, तो घबराने की ज़रूरत नहीं। आप दोबारा उसी beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या आयुष्मान ऐप से मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करके खुद को खोज सकते हैं और कार्ड फिर से डाउनलोड कर सकते हैं। नज़दीकी CSC केंद्र से भी दोबारा प्रिंट लिया जा सकता है।
अब आप अच्छी तरह जान गए होंगे कि आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएँ। सच यह है कि अगर आपका नाम पात्र सूची में है, तो यह कार्ड बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस सही दस्तावेज़, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और थोड़ा धैर्य चाहिए। किसी भी उलझन या ताज़ा जानकारी के लिए PMJAY की आधिकारिक वेबसाइट और beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर ज़रूर देखें, और याद रखें, यह पूरी सेवा मुफ़्त है, इसलिए किसी को फीस या OTP कभी न दें।



