Sahara Refund : सहारा में फंसे निवेशकों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने पैसों की वापसी पर लिया अहम फैसला

Sahara Refund : सरकार रिफंड जारी करने से पहले जमाकर्ताओं के दावों की गहन जांच कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत, सहारा समूह की चार बहु-राज्य सहकारी समितियों के असली जमाकर्ताओं को पैसे वापस करने के लिए 18 जुलाई, 2023 को सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया गया।

सरकार ने सहारा समूह की सहकारी समितियों में जमा करने वाले छोटे निवेशकों के लिए धन वापसी की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है। इस बारे में सहकारिता मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने बुधवार को जानकारी दी। अब तक, सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए 4.29 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 370 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जा चुकी है।

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Sahara Refund राशि की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये, जल्द होगा 1,000 करोड़ का भुगतान

एक अधिकारी ने बताया कि रिफंड की सीमा 50,000 रुपये तक बढ़ाने के फैसले से आने वाले 10 दिनों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का वितरण किया जाएगा। हाल ही में छोटे जमाकर्ताओं के लिए यह सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई थी।रिफंड जारी करने से पहले सरकार जमाकर्ताओं के दावों की गहन जांच कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद, 18 जुलाई 2023 को सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया गया था, जिसके माध्यम से सहारा समूह की चार बहु-राज्य सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं को धनराशि लौटाई जा रही है।

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इन समितियों में शामिल हैं: सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (लखनऊ), सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड (भोपाल), हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (कोलकाता), और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (हैदराबाद) सर्वोच्च न्यायालय के 29 मार्च 2023 के आदेश के अनुसार, 19 मई 2023 को सेबी-सहारा रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपये की राशि केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को हस्तांतरित की गई थी। डिजिटल माध्यम से इस राशि का वितरण सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, आर. सुभाष रेड्डी की देखरेख में हो रहा है।

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